Any questions ?

Phone 6264145142

Notice: Test mode is enabled. While in test mode no live donations are processed.

0
Select Payment Method

किसान मेले में जैविक एवं वैज्ञानिक खेती पर दिया गया विशेष मार्गदर्शन, 200 सागौन पौधों का हुआ वृक्षारोपणबरगांव, डिंडौरी, 6 जून 2026।जनजाति कल्याण केंद्र बरगांव के मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) के प्रायोजन में शनिवार को एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं वैज्ञानिक खेती की नवीन तकनीकों से जोड़ना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाना था।कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देशमुख ने किसानों को जैविक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसान यदि स्वयं गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार कर बुवाई करें तो उत्पादन लागत कम होने के साथ बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक खेती को अपनाने की सलाह दी।कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के वैज्ञानिक डॉ. अवधेश पटेल ने खरीफ फसलों के वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की तथा किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी श्री समीर पटेल ने कृषि यंत्रों के उपयोग एवं शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की।जनजाति कल्याण केंद्र के उपाध्यक्ष डॉ. मरकाम ने किसानों से खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं केंद्र के प्रकल्प प्रमुख श्री श्याम जी भाईसाहब ने कहा कि “किसानों का विकास ही गांव का विकास है और गांव का विकास ही देश का विकास है।”कार्यक्रम में कृषि अभियांत्रिकी विभाग शहडोल के अधिकारी श्री रितेश प्यासी ने फसल कटाई में उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी। कृषि अभियांत्रिकी विभाग उमरिया के श्री शांतनु पाण्डे ने कृषि यंत्रों के रख-रखाव तथा उनके सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन जनजाति कल्याण केंद्र बरगांव के जैविक कृषि प्रभारी एवं वैज्ञानिक डॉ. योगेश राजपूत ने किया। किसान मेले में 13 गांवों के कुल 86 किसानों ने सहभागिता की।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ग्राम ढोंढा के किसानों की सफलता रही। किसानों के साथ संवाद के दौरान ग्राम ढोंढा के दो किसानों ने बताया कि वे जनजाति कल्याण केंद्र के मार्गदर्शन में 10 एकड़ भूमि पर जैविक खेती कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियों से प्रभावित होकर कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देशमुख ने ग्राम ढोंढा को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक टीम प्रत्येक 15 दिवस में गांव का भ्रमण कर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक सलाह से लाभान्वित करेगी।कार्यक्रम के अंत में किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री धर्म सिंह मरावी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसान कल्याण समिति के सदस्य श्री अजमेर टेकाम, श्री सोहन सिंह, श्री संतोष, गौशाला समिति के सचिव श्री उमेश रजक तथा कोषाध्यक्ष श्री वीरेंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।कार्यक्रम के उपरांत किसानों द्वारा जनजाति कल्याण केंद्र परिसर में 200 सागौन के पौधों का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *